मिडिल ईस्ट तनाव: विभिन्न भारतीय दूतावासों की एडवाइजरी, अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
बेरूत। मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर लेबनान में स्थित भारतीय दूतावास, बेरूत ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने, सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा व आपातकालीन निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। रविवार को जारी एडवाइजरी में दूतावास ने कहा, “क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए लेबनान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें, सतर्क रहें और स्थानीय स्तर पर जारी सुरक्षा एवं आपातकालीन दिशानिर्देशों का पालन करें।”
ये भी पढ़ें पश्चिमी यूपी में बड़ी वारदात की रच रहा था साजिश, 50 हजार का इनामी कुख्यात पवन उर्फ कल्लू ढेरदूतावास ने आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को मोबाइल नंबर +96176860128 या ईमेल के जरिए संपर्क करने को कहा है। इससे पहले भारत सरकार ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सभी पक्ष संयम बरतें, हालात को और न बिगाड़ें और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीयों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने तथा स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास, तेहरान ने ईरान में रह रहे भारतीयों को अत्यधिक सतर्क रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और संभव हो तो घरों के भीतर रहने की सलाह दी है।
ये भी पढ़ें जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने शुरू की नई पारी, अब यूट्यूब पर भी मिलेगा कॉमेडी का डबल-डोज
भारतीय दूतावास, दोहा ने कतर में भारतीयों से स्थानीय प्रशासन और दूतावास द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने को कहा है। भारतीय दूतावास, अबू धाबी और दुबई स्थित वाणिज्य दूतावास ने भी संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह जारी की है। कतर में जारी एडवाइजरी में विशेष रूप से कहा गया है कि लोग सैन्य स्थलों के आसपास न जाएं और सार्वजनिक सुरक्षा के हित में अधिकतम समय तक घरों के भीतर ही रहें। भारत ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। साथ ही सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किए जाने पर भी बल दिया गया है। मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे की एडवाइजरी जारी की जाएगी।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां