विटामिन सी का खजाना आमड़ा, स्वाद के साथ सेहत का भी साथी
नई दिल्ली। आमड़ा या स्पोंडियास पिन्नाटा, जो विटामिन सी का खजाना है। आंवले के बाद यह सी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। खट्टा-मीठा फल स्वाद के साथ ही सेहतमंद रखने में भी मददगार है। यह पाचन सुधारता है, इम्युनिटी बढ़ाता है, त्वचा निखारता है और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है।
इनमें विटामिन सी के अलावा आयरन, कैल्शियम, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। फल खट्टे होने के कारण इन्हें कच्चा खाने से लेकर चटनी, अचार, सब्जी और चटपटी चीजें बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। भारतीय घरों में आमड़ा की चटनी और अचार घरों में बहुत पसंद किए जाते हैं। आयुर्वेद में आमड़ा का काफी महत्व है। इसके फल, पत्तियां, छाल और बीज का इस्तेमाल अलग-अलग बीमारियों में किया जाता है। आमड़ा पाचन तंत्र को मजबूत करता है, कब्ज दूर करता है, भूख बढ़ाता है, त्वचा रोगों में फायदेमंद होता है और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है। आमड़ा में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। खास बात है कि आमड़ा का मौसम मुख्य रूप से गर्मियों में आता है। हालांकि, इसके आचार का सेवन साल भर किया जा सकता है।
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लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

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