फरवरी की हल्की ठंड कर सकती है बीमार, जानें ऋतु परिवर्तन को लेकर क्या कहता है आयुर्वेद
नई दिल्ली। फरवरी सिर्फ पर्व का महीना ही नहीं, बल्कि बीमारियों का महीना भी है। सर्दियों के महीने में ऋतु परिवर्तन की वजह से कभी गर्मी तो कभी सर्दी लगने की समस्या बनी रहती है। दिन में धूप होने की वजह से लोग गर्म कपड़ों से परहेज करते हैं और ठंडा पीने का मन करता है, लेकिन बहुत कम ही जानते हैं कि इस दौरान होने वाली हल्की सर्दी ही रोगों का असली कारण है।
इससे संक्रमण का खतरा कम होगा। दूसरा उपाय है सोंठ और शहद का सेवन करना। सोंठ और शहद का सेवन खांसी और गले में होने वाले रोगों से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। इससे फेफड़ों में जमा कफ भी ढीला पड़ जाता है और बाहर निकलने लगता है। रोजाना सोंठ और शहद सर्दी से बचाने में भी मदद करेगा। ऋतु परिवर्तन के समय ठंडा पानी या पेय पदार्थों को पीने का मन करता है, लेकिन आयुर्वेद पूरे महीने गुनगुना पानी पीने की सलाह देता है। फरवरी के महीने में फ्रिज का पानी पीना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। इसके साथ ही दही और आइसक्रीम जैसी चीजों से परहेज करें और आहार में सर्दियों की तरह की गर्म तासीर वाला खाना खाएं। गर्मी को देखते हुए भी गर्म कपड़ों से परहेज न करें।
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