माइंड डिटॉक्स: बेहद जरूरी बेहतर नींद, अपनाएं ये आसान टिप्स
नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और ओवरथिंकिंग आम बात बन गई हैं। ऐसे में मानसिक समस्याओं की राहत के लिए माइंड डिटॉक्स यानी मन की सफाई जरूरी है, जो मानसिक शांति, बेहतर फोकस और सेहतमंद रहने के लिए बेहद जरूरी है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, माइंड डिटॉक्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण है अच्छी और समय पर नींद लेना। नींद के दौरान दिमाग खुद को डिटॉक्स करता है, तनाव कम होता है और अगले दिन ताजगी महसूस होती है।
यही नहीं, शरीर के साथ इसके लिए कुछ सरल उपाय अपनाने चाहिए, जो रोजमर्रा की आदतों में आसानी से शामिल किए जा सकते हैं। माइंड डिटॉक्स का मतलब है मन से नकारात्मक विचारों, तनाव और अनावश्यक चिंताओं को हटाना। यह शरीर की तरह मन को भी साफ रखता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। एनएचएम ने बताया कि बेहतर नींद के बिना माइंड डिटॉक्स पूरा नहीं होता, इसलिए शाम को तनाव मुक्त रहना और समय पर सोना बहुत जरूरी है। ये छोटे बदलाव लंबे समय में मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हैं। अगर नियमित रूप से इन उपायों को अपनाया जाए तो तनाव कम होगा, नींद बेहतर होगी और दिमाग तरोताजा रहेगा। माइंड डिटॉक्स के लिए सबसे पहले तनाव को नियंत्रित रखे, शाम को काम या चिंता की बातें छोड़ दें। परिवार के साथ हल्की बातचीत करें या कोई पसंदीदा काम करें।
ये भी पढ़ें बार-बार पेट फूलना किसी बड़े खतरे का हो सकता है संकेत, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज इससे मन शांत रहता है और नींद अच्छी आती है। स्क्रीन टाइम सीमित करें, सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप बंद कर दें। नीली रोशनी नींद बिगाड़ती है और दिमाग को उत्तेजित रखती है। माइंड डिटॉक्स के लिए पौष्टिक आहार भी बेहद जरूरी है। रात का खाना हल्का और पौष्टिक रखें। ज्यादा मसालेदार या भारी भोजन से बचें। कैफीन जैसे चाय-कॉफी शाम के बाद न लें। इससे नींद गहरी आती है और मन शांत रहता है। दिनचर्या में योग और मेडिटेशन को शामिल करें। सुबह के साथ ही शाम को कम से कम 10 या 15 मिनट योगासन, प्राणायाम या मेडिटेशन करें। गहरी सांस लेना या माइंडफुलनेस से मन की अशांति दूर होती है और गहरी नींद आती है।
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