नीम हेयर थेरेपी: बार-बार रूसी कर रही परेशान, ट्राई करें आयुर्वेद में लिखी ये थेरेपी
नई दिल्ली। हर बदलते मौसम के साथ बालों और त्वचा को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बालों का झड़ना और बार-बार रूसी का लौट आना सबसे बड़ी परेशानी है। बार-बार रूसी आना सिर्फ एक आम समस्या नहीं, बल्कि स्कैल्प में पोषण की कमी का कारण है। बार-बार लौटती रूसी, खुजली, सफेद परत, बालों का झड़ना और स्कैल्प इंफेक्शन की वजह से बाल जड़ों से कमजोर हो जाते हैं और तेजी से झड़ने लगते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सभी परेशानियों का हल एक सिर्फ प्राकृतिक उपाय में छिपा है और वो है नीम। आयुर्वेद में इस समस्या का गहरा और जड़ से उपचार छिपा है, जिसे नीम हेयर थेरेपी के नाम से जाना जाता है।
स्किन और शरीर की सेहत के लिए कड़वे नीम के लाभ सभी जानते हैं, लेकिन नीम थेरेपी बालों में भी जान डाल सकती है। नीम को आयुर्वेद में “सर्वरोगनिवारिणी” कहा गया है और इसकी कड़वाहट ही इसकी सबसे बड़ी शक्ति है, जो बैक्टीरिया, फंगस और सूजन को कम करने में मदद करती है। बालों को जड़ों से मजबूत बनाने के लिए आयुर्वेद में नीम को लेकर कई उपाय बताए गए हैं, और पहला है नीम काढ़ा हेयर रिंस। इसके लिए नीम के पत्ते पानी में उबालें और ठंडा होने पर छान लें। सिर को शैम्पू से धोने के बाद नीम से बने हेयर रिंस का इस्तेमाल करें। इससे खुजली में राहत मिलेगी और स्कैल्प भी क्लीन होगी।
दूसरा उपचार है नीम-नारियल तेल उपचार। इसके लिए नीम पत्तों को सुखाकर नारियल तेल में पकाएं और छान कर एक जार में भर लें। इस तेल को हफ्ते में दो बार अपने बालों में लगाएं और बाद में बालों को शैम्पू से धो लें। इससे स्कैल्प पर मौजूद बैक्टीरिया खत्म होंगे और जड़ों तक बालों को पोषण मिलेगा। तीसरा उपचार है नीम पाउडर हेयर मास्क। इसके लिए नीम पाउडर, दही, और थोड़ा एलोवेरा जेल को एक साथ मिला लें और फिर अपने बालों में लगाएं। आधे घंटे बाद सूख जाने पर बालों को धो लें। यह बालों को कंडीशन करेगा और रूसी को भी कम करने में मदद करेगा। चौथा और आखिरी उपाय है नीम और मेथी का संयुक्त पैक। इसके लिए भीगी हुई मेथी को नीम की धुली हुई पत्तियों के साथ पीस कर पैक तैयार कर लें और सीधा अपने बालों पर लगाएं। ये पैक रूसी और हेयर फॉल को कम करने में मदद करेगा और स्कैल्प पर मौजूद बैक्टीरिया को भी कम करेगा।
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