रात में आइसक्रीम खाने की आदत बनती है कई बीमारियों की वजह, ब्लड शुगर और हार्मोनल संतुलन पर पड़ता है सीधा असर
नई दिल्ली। खाने के बाद कुछ ठंडा और मीठा खाने का मन होना आम बात है। खासकर आइसक्रीम ऐसी चीज है जिसे खाते ही मन खुश हो जाता है। कई लोग इसे रात के खाने के बाद खाना पसंद करते हैं, लेकिन सेहत के लिहाज से यह नुकसानदायक है। विज्ञान की मानें तो रात में आइसक्रीम खाना शरीर के लिए कई तरह की परेशानियों की वजह बन सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार, रात का समय शरीर के लिए आराम वाला पल होता है। इस समय पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। आइसक्रीम ठंडी, भारी और मीठी होती है, जिसे आयुर्वेद में कफ बढ़ाने वाला माना जाता है। रात में खाने से पाचन अग्नि कमजोर पड़ जाती है, जिससे खाना ठीक से नहीं पच पाता और शरीर में विषैले तत्व बनने लगते हैं जो गैस, एसिडिटी, पेट भारी और सुस्ती जैसी समस्याओं की वजह बनते हैं। विज्ञान के मुताबिक, आइसक्रीम में शुगर और फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है। रात में इसे खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और फिर अचानक गिर सकता है। ब्लड शुगर में यह उतार-चढ़ाव नींद को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। कई रिसर्च बताती हैं कि सोने से पहले ज्यादा मीठा खाने से इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे नींद बार-बार टूटती है।
रात में आइसक्रीम खाने से वजन बढ़ने का खतरा भी काफी ज्यादा होता है। रात के समय शरीर की गतिविधि न के बराबर होती है, जिससे आइसक्रीम की अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगती है। यही वजह है कि जो लोग रोज रात में आइसक्रीम खाते हैं, उनमें मोटापा तेजी से बढ़ सकता है। मोटापा आगे चलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी बीमारियों का कारण बनता है। पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए भी रात की आइसक्रीम नुकसानदेह मानी जाती है। कई लोगों को रात में आइसक्रीम खाने के बाद एसिडिटी, सीने में जलन और पेट दर्द की शिकायत होती है। इसका कारण यह है कि ठंडी चीजें पेट की मांसपेशियों को ढीला कर देती हैं, जिससे एसिड ऊपर की ओर आने लगता है। जिन्हें पहले से गैस या एसिड रिफ्लक्स की समस्या होती है, उनके लिए रात में आइसक्रीम खाना और भी खतरनाक साबित हो सकता है।
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