यूक्रेन को टैंक की मदद का वादाः उत्तर कोरिया ने अमेरिका पर लगाया छद्म युद्ध बढ़ाने का आरोप
नई दिल्ली। यूक्रेन को टैंकों की मदद की वाशिंगटन के फैसले की आलोचना करते हुए उत्तर कोरिया ने दावा किया है कि रूस को नष्ट करने की मंशा से अमेरिका छद्म युद्ध को बढ़ा रहा है। शुक्रवार देर रात जारी बयान में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने […]
नई दिल्ली। यूक्रेन को टैंकों की मदद की वाशिंगटन के फैसले की आलोचना करते हुए उत्तर कोरिया ने दावा किया है कि रूस को नष्ट करने की मंशा से अमेरिका छद्म युद्ध को बढ़ा रहा है।
शुक्रवार देर रात जारी बयान में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने यूक्रेन संकट के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए उसपर टैंक भेजकर रेड लाइन पार करने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मॉस्को से लड़ने के लिए कीव को शक्तिशाली टैंक 31 एम1 अबराम देने का वायदा किया है। इसे लेकर उत्तर कोरिया की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।
उत्तर कोरिया ने वाशिंगटन को कट्टर अपराधी बताते हुए दावा किया है कि प्योंगयांग हमेशा रूस के साथ खड़ा है। सीरिया और रूस के अलावा उत्तर कोरिया इकलौता देश है जिसने पूर्वी यूक्रेन में दो रूसी समर्थित अलगाववादी इलाके लुहांस्क और डोनेट्स्क की स्वतंत्रता को मान्यता दी है।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां