शामली: मनरेगा से गांधी नाम हटाने पर कांग्रेस का तीखा विरोध, केंद्र पर लगाए आरोप
शामली। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर कड़ा विरोध जताया है। शनिवार को शहर में बलदेव मंदिर के निकट प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश शर्मा के आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर मजदूरों से रोजगार छीनने का आरोप लगाया।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष वैभव गर्ग ने कहा कि भाजपा सरकार को गांधी नाम से चिढ़ है, इसी कारण मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाकर इसे ‘गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (जीरामजी)’ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में मजदूरों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन अब सरकार इस व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने केंद्र व राज्य के अंशदान में बदलाव पर भी सवाल उठाए और कहा कि पहले केंद्र 90 प्रतिशत और राज्य 10 प्रतिशत खर्च करता था, जबकि अब राज्यों पर 40 प्रतिशत का बोझ डाला गया है, जो आर्थिक रूप से कमजोर राज्यों के लिए मुश्किल पैदा करेगा।
वैभव गर्ग ने आरोप लगाया कि केंद्र की एनडीए सरकार लगातार कानूनों को कमजोर कर पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है। उन्होंने सूचना के अधिकार और लोकपाल जैसे कानूनों के प्रभावहीन होने की भी आलोचना की। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य व एसआईआर कोऑर्डिनेटर ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि एसआईआर सूची में शामली जनपद से 16.77 प्रतिशत वोट काटे जाने की बात सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूची में भारी गड़बड़ियां हैं और कई मकानों में एक से अधिक वोट दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल मिलकर हर वोट को दुरुस्त कराने का अभियान चलाएंगे। ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर जीरामजी अधिनियम की खामियों को जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे। इस अवसर पर वैभव गर्ग, बाबूखान, प्रवीण तरार, ओमवीर उपाध्याय, विनोद अत्री, डा. श्रीपाल सिंह, रविन्द्र आर्य, ज्योति प्रसाद शर्मा, सोहिल धीमान, मास्टर नरेन्द्र सिंह, आदेश कश्यप, सागर कालखंडे मौजूद रहे।
