शामली में वन विभाग और उद्यान विभाग की शह पर मौल आये हुए आम के हरे भरे पेडो की अंधाधुंध कटाई
शामली। उत्तरप्रदेश के जनपद शामली में वन विभाग व उघान विभाग की शह पर अंधाधुंध वन कटाई का अवैध धधा जमकर फलफूल रहा है। जहां वन विभाग की अनुमति की आड में मौल आये हुए आम के हरे भरे पेडो का कटान किया जा रहा है। वही उक्त मामले को लेकर वन विभाग व उद्यान विभाग एक दूसरे के पाले मे गेंद फैकते हुए अपना पल्ला झाड रहे है।
आपको बता दे पूरा थानाभवन क्षेत्र के गांव कैल शिकारपुर का है। जहा वन विभाग से ली गई, अनुमति की आड में बिट्टू नामक एक लकडी ठेकेदार द्बारा आम के हरे भरे व मौल आये हुए आम के पेडो की कटाई हो रही है। वही बाग मे कटान किए जा रहे किसी भी पेड पर नियमानुसार नंबर भी अंकित नही किए गए है। बताया जा रहा कि उक्त परमिशन 49 पेडों की है। जिसकी आड में आम के बाग मे खडे अन्य पेडों को भी काटा जायेगा। वही लकडी ठेकेदारी बिट्टू का कहना है कोई बात नही यदि आम के पेडों पर नंबर नही है तो हम अभी पेट लाकर लिख देगे। और पूरा बाग काटगे। बताते चले कि वन विभाग द्बारा किसी भी प्रतिबंधित फलदार वृक्ष कटाई की परमिशन तभी की जाती है। जब वह पेड़ सूख जाता है या किसी बीमारी से ग्रस्त होता है। लेकिन उद्यान विभाग हरे भरे पेड़ों को भी रोगग्रत बताकर कटवा रहा है। यहां पर काटे जा रहे आम के अधिकतर पेड़ों पर मौल आना इस बत का स्पष्ट संकेत है, कि इन वृक्षों पर जल्द ही फल आने वाले थे। लेकिन उससे पहले ही यह आम के यह वृक्ष काट दिए गए। यह कोई पहला मामला नहीं है जहां इस तरह से फलदार वृक्षों का कटान किया जा रहा है।
इससे पहले भी जिले में तमाम जगहों पर बड़े-बड़े आम के बागो को वन विभाग व उद्यान विभाग द्बारा कटवाया जा चूका है।लेकिन आज तक किसी के समझ मे नही यह नही आया कि उद्यान विभाग के पास ऐसा कौन सा यंत्र है। जिससे वे हरे भरे आम के फलदार पेड़ों को रोग ग्रस्त घोषित कर देते हैं और अगर पेड में किसी प्रकार का कोई रोग भी है, तो उसे ठीक करने का प्रयास क्यो नही किया जाता। जबकि वर्तमान समय में बाजारों में फसलो और पेडों की सभी प्रकर की दवाईयां उपलब्ध है। वही जब इस मामले में वन विभाग के अधिकारी से बातचीत की गई, तो उन्होने कहा सारा दोष उद्यान विभाग पर डालते हुए मामले से अपना पल्ला झाड लिया। वही बाग में कटाई के दौरान कोई भी फॉरेस्ट विभाग का कर्मचारी मौजूद नहीं था। वही जब इस मामले में संबंधित वन दरोगा सत्येंद्र से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि उक्त पेड़ो की परमिशन है और पेड़ो पर नंबर डलवाना कोई जरूरी नहीं होता लेकिन जब उन्हें कहा कि काटे जा रहे पेड़ो पर बोर भी आया हुआ तो उन्होंने बिना कोई जवाब दिए फोन काट दिया।
वही इस मामले में ऊन रेंजर कृष्णकांत ने कहा कि उक्त जगह पर आम के 49 पेड़ो की अनुमति दी गई है यदि अनुमति से अधिक पेड़ काटे जाते है, तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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लेखक के बारे में
शामली के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक शर्मा वर्ष 2022 से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक निष्ठावान और कर्मठ स्तंभ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में की थी और 'सत्यभाष', 'दैनिक प्रभात', 'क्राइम न्यूज़ और नेटवर्क 10' जैसे संस्थानों में कार्य करते हुए ज़मीनी रिपोर्टिंग के गहरे अनुभव हासिल किए।
पिछले 4 वर्षों से रॉयल बुलेटिन के साथ जुड़े दीपक शर्मा वर्तमान में जिला प्रभारी (शामली) का दायित्व संभाल रहे हैं। जिले की राजनीतिक नब्ज और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पकड़ बेजोड़ है। शामली जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 8273275027 पर संपर्क कर सकते हैं।

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