शामली में राम भरोसे चल रही सदर कोतवाली: हमले के बाद अगले दिन तक पीड़ितों के पास नही पहुुंची पुलिस
शामली: कोतवाली शामली पुलिस की कार्यप्रणाली पुलिस महकमें के तेजतर्रार अफसरों की किरकिरी करा रही है, भले ही शामली के एसपी एनपी सिंह जनता को सुलभ न्याय दिलाने के लिए तत्पर हैं, लेकिन कुछ मातहत सर्दियों के मौसम में सिर्फ और सिर्फ अपनी कुर्सी गरम करने का काम कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शामली कोतवाली क्षेत्र के गांव बरला जट में देखने को मिला। पीड़ितों का आरोप है कि शनिवार की शाम हुई मारपीट के बाद रविवार की सुबह तक भी शिकायत के बावजूद पुलिस ने उनकी सुध तक नही ली।
दरअसल, शामली कोतवाली क्षेत्र के गांव बरला जट में दुकान के विवाद को लेकर शनिवार की शाम करीब साढ़े 7 बजे एक ही परिवार से जुड़े दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था, जिसमें सुषमा नाम की महिला और उसके पति राहुल पर लाठी—डंडों से हमला किया गया। अस्पताल में उपचार करा रही महिला सुषमा ने बताया कि उन्होंने वारदात के बाद पुलिस को सूचित कर दिया था और शिकायत भी की थी, लेकिन कार्रवाई तो दूर, अभी तक पुलिस उनके पास भी नही पहुंची है। पीड़ितों ने जिले के आला पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई और न्याय की मांग की है। गौरतलब है कि शामली कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता में असंतोष है। अभी कुछ दिन पहले कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में एक युवती को होटल में खींचने की घटना प्रकाश में आई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर प्रदर्शन किया था और शामली कोतवाली क्षेत्र में एक ही स्थान पर चलने वाले करीब एक दर्जन से अधिक होटलों पर भी सवालियां निशान खड़े किए थे।
धरना स्थल पर राजनेता अनिल चौहान भी पहुंचे थे, जिन्होंने पुलिस पर सुविधा शुल्क लेकर होटलों के संचालन का आरोप लगाया था। इसके अलावा हाल ही में हुई कुछ अन्य वारदातें भी शहर में कानून की शिथिलता की ओर इशारा कर रही है। जिले के एसपी एनपी सिंह और अन्य अधिकारी भले ही जनता की सुरक्षा के लिए दिन रात भागदौड़ में जुटे रहते हैं, लेकिन कुछ अफसर ऐसे भी हैं जो अपनी कुर्सी छोड़ना तक नही चाहते। ऐसे में जनता को परेशानियां उठानी पड़ती है और कई बार छोटी—छोटी घटनाएं भी बड़े अपराध की शक्ल ले लेती हैं।
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