अमरोहा में किसानों का महाधरना, समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार को चेतावनी
अमरोहा। जनपद के धनौरा क्षेत्र में किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। भारतीय किसान यूनियन शंकर के बैनर तले आयोजित महाधरने में भारी संख्या में किसानों की भीड़ उमड़ी। महादेव मंदिर परिसर में हुए इस धरने में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
महादेव मंदिर परिसर में जुटा जनसैलाब
धनौरा स्थित महादेव मंदिर परिसर में आयोजित महाधरने में दूर-दराज से आए किसानों ने भाग लिया। धरना स्थल पर सुबह से ही किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जो देखते ही देखते जनसैलाब में बदल गई। किसानों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और सरकार से जल्द समाधान की मांग की।
भ्रष्टाचार, गन्ना भुगतान और केसीसी बने मुख्य मुद्दे
धरने के दौरान किसानों ने क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, गन्ना भुगतान में देरी और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना था कि गन्ना भुगतान समय पर न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है, जबकि केसीसी से जुड़ी प्रक्रियाएं भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिया अल्टीमेटम
भारतीय किसान यूनियन शंकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने मंच से प्रशासन और सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
रेहड़ी-पटरी और तिगरी धाम की बदहाली पर भी उठे सवाल
धरने में शामिल किसानों और पदाधिकारियों ने रेहड़ी-पटरी हटाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इससे छोटे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही तिगरी धाम की बदहाल स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई गई और वहां की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की गई।
मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
महाधरने के बाद किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा। ज्ञापन में किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने, गन्ना भुगतान समय पर कराने, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और अन्य स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता से हल करने की मांग की गई।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। किसानों ने कहा कि वे अपने हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं और अब किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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