यूपी विधानसभा: मंत्री नरेंद्र कश्यप को स्पीकर की सख्त फटकार, बोले- "बैठ जाइए, वरना माइक बंद करवा दूंगा"
बजट चर्चा के दौरान समय सीमा लांघने पर बरसे सतीश महाना; गाजियाबाद के मंत्री के भाषण पर सदन में बढ़ा तनाव, अध्यक्ष ने दिखाया कड़ा रुख
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन में उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने योगी सरकार के एक राज्य मंत्री को बेहद सख्त लहजे में टोक दिया। बजट पर जारी चर्चा के दौरान अपनी बात रख रहे मंत्री द्वारा बार-बार मना किए जाने के बावजूद भाषण जारी रखने पर अध्यक्ष का पारा चढ़ गया। अध्यक्ष ने सदन की मर्यादा और समय सीमा का हवाला देते हुए मंत्री को तत्काल बैठने का निर्देश दिया और माइक बंद कराने तक की चेतावनी दे डाली। इस वाकये के बाद सदन में सन्नाटा पसर गया और यह घटनाक्रम चर्चा का केंद्र बन गया है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में इन दिनों बजट पर चर्चा चल रही है। इसी क्रम में गाजियाबाद से ताल्लुक रखने वाले राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप अपना पक्ष रख रहे थे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जब मंत्री ने अपना संबोधन जारी रखा, तो स्पीकर सतीश महाना ने उन्हें कई बार रुकने का इशारा किया। लेकिन जब मंत्री नहीं रुके, तो स्पीकर ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा, “बैठ जाइए... नहीं तो माइक बंद करवा दूंगा।” अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि सदन की नियमावली और समय का पालन करना हर सदस्य की जिम्मेदारी है, चाहे वह मंत्री ही क्यों न हो।
राजनीतिक सफर और विवादों से नाता
ये भी पढ़ें मुरादाबाद: जयप्रदा पर अश्लील टिप्पणी मामले में विवेचक का बयान दर्ज, 24 फरवरी को अगली सुनवाईनरेंद्र कश्यप की राजनीतिक पृष्ठभूमि काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। बहुजन समाज पार्टी से अपना सफर शुरू करने वाले कश्यप एक समय मायावती के बेहद भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे। बसपा के टिकट पर वह दो बार एमएलसी और राज्यसभा सांसद भी रहे। हालांकि, साल 2016 में उनके जीवन में बड़ा मोड़ आया जब उन्हें उनकी पुत्रवधू की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या की साजिश के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद बसपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। 2017 के चुनाव से ठीक पहले वह भाजपा में शामिल हुए और वर्तमान में भाजपा से एमएलसी और सरकार में मंत्री हैं।
भाषण शैली बनी परेशानी की वजह
सदन के गलियारों में चर्चा है कि नरेंद्र कश्यप अपनी लंबी भाषण शैली के लिए जाने जाते हैं। अक्सर किसी भी सार्वजनिक मंच या कार्यक्रम में जब वह माइक थामते हैं, तो 15 से 20 मिनट तक लगातार बोलते रहते हैं। आज सदन में भी उनकी यही आदत उन पर भारी पड़ गई। बार-बार घंटी बजने और अध्यक्ष के टोकने के बावजूद उन्होंने अपनी बात जारी रखी, जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें सार्वजनिक रूप से फटकार सुननी पड़ी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इस घटना के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि सदन की कार्यवाही के दौरान अनुशासनहीनता स्वीकार्य नहीं होगी। देखें वीडियो।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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