गन्ना किसानों को गुमराह कर रही चीनी मिलें, भाकियू (अराजनैतिक) ने गन्ना आयुक्त से की कड़ी कार्रवाई की मांग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गन्ना प्रजाति Co-0238 के रोगग्रस्त होने के बाद उपजे संकट और चीनी मिलों द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने गन्ना आयुक्त को पत्र लिखकर प्रदेश की चीनी मिलों पर सरकार द्वारा अधिसूचित गन्ना प्रजातियों के खिलाफ दुष्प्रचार करने का गंभीर आरोप लगाया है।
सरकारी प्रजातियों को 'अस्वीकृत' बता रही मिलें शिकायत के अनुसार, चीनी मिलें विभिन्न गोष्ठियों और पर्चों के माध्यम से भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित उन्नत प्रजातियों जैसे 17018, 18022, 5125, 9709, 13231 और 17215 (PB-95) को 'अस्वीकृत' बताकर किसानों को उनकी बुवाई से रोक रही हैं। आरोप है कि कुछ मिलें केवल उन्हीं प्रजातियों को बढ़ावा दे रही हैं जिनका बीज वे स्वयं ऊँचे दामों पर बेच रही हैं, जो सीधे तौर पर किसानों के हितों के खिलाफ है।
प्रशासनिक चूक का खामियाजा भुगत रहे किसान धर्मेंद्र मलिक ने पत्र में उल्लेख किया कि पिछले दस वर्षों में गन्ना विकास विभाग Co-0238 का कोई प्रभावी विकल्प विकसित करने में विफल रहा है। कुछ जनपदों में इस प्रजाति का रकबा 96% तक पहुँच गया था, लेकिन संतुलन की कमी और मिलों की मनमानी के कारण किसान अब गन्ना छोड़कर पॉपुलर, मेंथा और औषधीय फसलों की ओर रुख करने को मजबूर हैं। फरवरी माह में ही 9 चीनी मिलों का बंद होना इस अव्यवस्था का स्पष्ट संकेत है।
भाकियू की मुख्य मांगें
-
भ्रामक प्रचार करने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध तत्काल जांच और वैधानिक कार्यवाही की जाए।
-
सभी गन्ना समितियों और जिला गन्ना अधिकारी कार्यालयों में सरकार द्वारा अधिसूचित प्रजातियों की सूची अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए।
-
प्रत्येक जनपद में प्रेस विज्ञप्ति के जरिए आधिकारिक प्रजातियों की सूची प्रकाशित कर किसानों का भ्रम दूर किया जाए।
-
आनुपातिक रकबा संतुलन के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति लागू की जाए।
भाकियू (अराजनैतिक) ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों के हित में शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो चीनी उद्योग की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां