योगी सरकार का किसानों को तोहफा: शुक्रवार को प्रदेश के 3300 किसानों को मिलेंगे कृषि यंत्र
जनपदों में ई-लॉटरी से होगा भाग्य का फैसला, 4 मार्च तक आवेदन करने वाले किसानों को मिलेगा भारी अनुदान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के किसानों को तकनीक से जोड़ने और खेती को सुगम बनाने के लिए होली के उपरांत एक बड़ी सौगात देने जा रही है। प्रदेश के 3300 से अधिक पंजीकृत किसानों को भारी अनुदान पर कृषि यंत्र प्रदान किए जाएंगे।
इस योजना के तहत लाभार्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से करने के लिए शुक्रवार (6 मार्च) को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ई-लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। कृषि विभाग के अनुसार इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिन्होंने 4 मार्च तक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर अपना ऑनलाइन आवेदन और बुकिंग पूर्ण कर ली है। जिन जिलों में निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, वहां चयन के लिए ई-लॉटरी का सहारा लिया जाएगा। चयनित किसानों की सूची पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी और उनके मोबाइल पर एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जाएगी।
दो प्रमुख योजनाओं के तहत वितरण
इस अभियान के तहत दो प्रमुख श्रेणियों में यंत्रों का वितरण किया जा रहा है। इसमें सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के अंतर्गत 2519 किसानों को फार्म मशीनरी बैंक, कृषि ड्रोन और अन्य एकल कृषि यंत्र दिए जाएंगे। जबकि क्रॉप रेज्ड्यू मैनेजमेंट के तहत फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए 800 किसानों को विशेष यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
10 दिन की समयसीमा और पारदर्शिता
सरकार ने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त समयसीमा निर्धारित की है। चयनित किसानों को टोकन कन्फर्म होने के 10 दिनों के भीतर यंत्र खरीदकर उसकी मूल रसीद और फोटो पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई किसान चयन के बाद यंत्र नहीं खरीदता है, तो प्रतीक्षा सूची के किसानों को अवसर दिया जाएगा। वहीं, ई-लॉटरी में चयनित न होने वाले किसानों की जमानत राशि अधिकतम छह महीने के भीतर उनके खातों में वापस कर दी जाएगी।
मशीनीकरण में यूपी की लंबी छलांग
पिछले आठ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में कृषि मशीनीकरण की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। वर्ष 2017 से 2025 के मध्य लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का वितरण किया जा चुका है। इसमें 2.31 लाख एकल यंत्रों के साथ-साथ हजारों की संख्या में कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक शामिल हैं। चालू वित्तीय वर्ष में भी अब तक हजारों की संख्या में यंत्रों के बिल पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत हैं।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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