नोएडा। एमिटी विश्वविद्यालय में छात्रों की रचनात्मकता एवं प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए चार दिवसीय वार्षिक कार्यक्रम ‘क्रिएटिव 2026’ का आयोजन किया गया। आज से 13 मार्च तक चलने वाले कार्यक्रम में एमिटी स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स के छात्रों द्वारा 400 से अधिक चित्रकारी, एप्लाइड आर्ट, एनिमेशन, विजुअल कम्यूनिकेशन आधारित कलाकृति का प्रदर्शन किया गया। जिसका शुभारंभ कलाकार अमितावा दास, एमिटी स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स की चेयरपरसन दिव्या चौहान, कलाकार सुधांशु सुतार, वाइस चांसलर डा बलविंदर शुक्ला, डा प्रदीप जोशी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डा वरूण सहाय ने किया।
कार्यक्रम के दौरान अमितावा दास ने कहा कि छात्रों द्वारा बनाई गई कलाओं और प्रदर्शनियों ने प्रभावित किया है। जो आपकी कठिन मेहनत व शिक्षकों के मार्गदर्शन को दर्शा रहे हैं । यह कला भावनाओं, विचारों और टिप्पणियों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। इस प्रकार के मंच छात्रों के अंदर नये विचार उत्पन्न होने में सहायता करेंगे।
चेयरपरसन दिव्या चौहान ने कहा कि आज का दिन उपलब्धियों के उत्सव मानने का दिन है। एमिटी के संस्थापक अध्यक्ष डा चौहान ने सदैव विज्ञान और कला को समान महत्व दिया है क्योंकी वे विज्ञान के साथ कला के महत्व को भी जानते है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एआई और तकनीकी के साथ कला का ज्ञान भी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान कलाकार सुधांशु सुतार ने छात्रोें से कहा कि चित्र की व्याख्या करने के लिए भाषा के माध्यम की आवश्यकता नहीं यह हदय को छू जाती है। मन में बैठ जाती है। बिना बोले आंखों से देखकर हम चित्रकला को समझ लेते है। भाषा साहित्यिक रूप मेें भी आती है जैसे वाल्मीकि, कालीदास और तुलसीदास ने लिखी है। उन्होंने छात्रों से कहा कि आत्मशुद्धी के लिए पढ़ना सीखे और स्वयं की भाषा को समझना आवश्यक है। हम स्वेज नहर के बारे में जानते है किंतु गांव की नदी के बारे में नहीं । हमें विश्व में भारतीय संस्कृति को अपनी कला के माध्यम से सभी तक पहुंचाना है।
एमिटी विश्वविद्यालय के ग्रुप एडिशनल प्रो वाइस चांसलर डा प्रदीप जोशी ने बताया कि आज के कार्यक्रम में एमिटी स्कूल ऑफ फाइन आर्टर्स के हर वर्ष के सभी छात्रों द्वारा लगभग 400 से अधिक चित्रकारी, एप्लाइड आर्ट, एनिमेशन, विजुअल कम्यूनिकेशन आधारित कलाओं को प्रस्तुत किया गया है। इस कार्यक्रम में एमिटी स्कूल ऑफ परफॉरमिंग आर्ट्स के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, 'भारत में फैशन उद्योग- समावेशी फैशन’ पर, ‘‘विकसित भारत के लिए टेक्निकल टेक्साटइल में नवाचार’’ पर अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त चार दिवसीय कार्यक्रम में एमिटी स्कूल ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी के छात्रों द्वारा डिजाइन कलेक्शन प्रस्तुति - फैशन शो’ का आयोजन किया जायेगा।
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