नोएडा में प्राधिकरण कर्मचारी बनकर औद्योगिक प्लाट की रजिस्ट्री के नाम पर लाखों की ठगी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का कर्मचारी बनकर दो लोगों ने एक व्यक्ति से ईकोटेक -11 स्थित एक औद्योगिक प्लाट को ट्रांसफर करवाने के नाम पर करीब 23 लाखों रुपए की ठगी कर ली। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर थाना सेक्टर-49 पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना सेक्टर-49 के थानाध्यक्ष संदीप कुमार चैधरी ने […]
नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का कर्मचारी बनकर दो लोगों ने एक व्यक्ति से ईकोटेक -11 स्थित एक औद्योगिक प्लाट को ट्रांसफर करवाने के नाम पर करीब 23 लाखों रुपए की ठगी कर ली। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर थाना सेक्टर-49 पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि पीड़ित के अनुसार उनके प्लाट का ट्रांसफर मेमोरेंडम, फंक्शनल और रजिस्ट्री आदि होनी थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में पीड़ित ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अपना काम करवाने गया। वहां पीड़ित को आशीष गर्ग नामक एक व्यक्ति मिला। उसने कहा कि वह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में कार्यरत है, तथा उनके सारे काम करवा देगा।
उन्होंने बताया कि पीड़ित के अनुसार आशीष गर्ग और आजाद सिंह ने मिलकर उसके औद्योगिक प्लाट का सारे काम कराने के एवज में करीब 23 लाख रुपया ले लिया, तथा फर्जी ट्रांसफर मेमोरेंडम उनको देकर कहा कि उनका काम हो गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि टीएम फर्जी है। तथा दोनों ने धोखाधड़ी कर उनका पैसा हड़प लिया है। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
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