सपा विधायक पंकज मलिक ने उठाया इंडिया AI इम्पैक्ट समिट-2026 का मुद्दा, गलगोटिया यूनिवर्सिटी को विधानसभा में घेरा
मुजफ्फरनगर। चरथावल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक पंकज मलिक ने आज उत्तर प्रदेश विधानसभा में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026' (India AI Impact Summit-2026) से जुड़े एक विवादित और गंभीर विषय को प्रमुखता से उठाया। नियम-56 के अंतर्गत सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए विधायक ने तकनीक की प्रामाणिकता और शैक्षिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए।
स्वदेशी बनाम विदेशी तकनीक का विवाद
पंकज मलिक ने सदन में आरोप लगाया कि इस समिट के दौरान विदेशी तकनीक को 'स्वदेशी उपलब्धि' और 'मेड इन इंडिया' के रूप में प्रस्तुत किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक को बिना किसी स्पष्टता के स्वदेशी बताना देश की वैज्ञानिक साख के साथ खिलवाड़ है। विधायक ने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल गलगोटिया यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की अंतरराष्ट्रीय अकादमिक छवि और साख से जुड़ा हुआ है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
सदन को संबोधित करते हुए सपा विधायक ने सरकार से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसा क्षेत्र भविष्य के निर्माण के लिए अत्यंत संवेदनशील है। इसमें पारदर्शिता और प्रामाणिकता का होना अनिवार्य है। यदि किसी अंतरराष्ट्रीय तकनीक को गलत तरीके से पेश किया गया है, तो इसके तथ्य सार्वजनिक होने चाहिए ताकि शिक्षा व्यवस्था पर जनता का विश्वास बना रहे।"
राजनीतिक गलियारों में हलचल
पंकज मलिक द्वारा विधानसभा में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद राजनीतिक और शैक्षिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विशेषकर एआई और नई तकनीक के क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेषज्ञों के बीच भी पारदर्शिता को लेकर बहस शुरू हो गई है। अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है और जांच के आदेश दिए जाते हैं या नहीं।
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मीडिया और विज्ञापन जगत का 23 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले रामनिवास कटारिया 'रॉयल बुलेटिन' की व्यावसायिक और संपादकीय टीम के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। 'अमर उजाला' जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में विज्ञापन प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद, श्री कटारिया पिछले 10 वर्षों से निरंतर रॉयल बुलेटिन परिवार के साथ जुड़े हुए हैं। वर्तमान में विज्ञापन प्रभारी की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ वे शैक्षणिक संस्थानों (स्कूलों) और औद्योगिक इकाइयों (उद्योगों) की विशेष रिपोर्टिंग भी करते हैं। विज्ञापन संबंधी परामर्श और औद्योगिक/शैक्षणिक खबरों के लिए आप उनसे मोबाइल नंबर 7017986469 पर संपर्क कर सकते हैं।

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