कैराना में चिकित्सक की दबंगई, पट्टी कराने आई महिला को धक्का देकर बाहर निकाला, की अभद्रता
कैराना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक ने दबंगई दिखाते हुए पट्टी कराने आए ऑपरेशन पीड़ित महिला को धक्के देकर अस्पताल से बाहर कर दिया,इतना ही नही पीडित महिला कडाके की ठंड व बारिस के चलते घंटो सरकारी अस्पताल के बहार बैठी रही बीमार महिला गिड़गिड़ाती रही लेकिन दबंग डॉक्टर का दिल नही पसीजा। गत […]
कैराना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक ने दबंगई दिखाते हुए पट्टी कराने आए ऑपरेशन पीड़ित महिला को धक्के देकर अस्पताल से बाहर कर दिया,इतना ही नही पीडित महिला कडाके की ठंड व बारिस के चलते घंटो सरकारी अस्पताल के बहार बैठी रही बीमार महिला गिड़गिड़ाती रही लेकिन दबंग डॉक्टर का दिल नही पसीजा।
गानेबाज चिकित्सक पर लगे गंभीर आरोप
गत एक सप्ताह पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पथरी का ऑपरेशन कराने वाली महिला ने चिकत्सक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला का आरोप है कि ऑपरेशन करते समय भी ऑपरेशन थियेटर गानों से गूंज रहा था। बार बार मना करने पर भी दबंग डॉक्टर ने महिला मरीज की एक न सुनी। आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दोरान भी पीडिता को डाक्टर मनीष ने गाने सुनने को बार बार बोला ।
ऑपरेशन के दौरान महिला के पैर कैसे जल गए?
बीमार महिला के पिता मेहरबान ने चिकित्सक पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए है। उसका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान उसकी बेटी के पैर आखिर किस कारण से जले है।उन्होंने कहा कि चिकित्सक से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि दवाई रिएक्शन कर गई है। जब पीड़ित पिता ने चिकित्सक को कहा कि उसने कोई दवाई अभी तक खाई नही है तो फिर यह साइड इफेक्ट कैसा?
पुलिस के बल पर पीड़ितों को दबाना चाहता है चिकित्सक
दबंग चिकित्सक ऑपरेशन पीड़ित महिला व उसके परिजनों की आवाज को पुलिस के बल पर दबाना चाहता है। धक्का मुक्की करने के बाद डॉक्टर ने खुद ही उपनिरीक्षक को फोन लगाकर पीड़ितों का फोन नंबर सैंड कर दिया था,जिसके बाद पीड़ितों को कोतवाली में बुलाकर उसने पुलिस के सामने ही गाली गलौज कर रौब गालिब करने का प्रयास करते हुए उनकी आवाज को दबाने का काम किया है।
कैराना सी एच सी हमेशा रहता है चर्चाओ मे
कैराना सी एच सी का कोई यह पहला मामला नही है इससे पूर्व भी कई मामले ऐसे सामने आ चुके है जिन पर स्वास्थय विभाग ने कोई बडा ऐक्शन नही लिया है । अगर स्वास्थय विभाग पूर्व मे कोई ठोस विभागिय कार्यवाही अमल मे लाता तो शायद ही आज पीडित महिला को हार्ड कपा देने वाली ठंड मे घंटो बहार न बैठना पडता ओर न ही दंबग डाक्टर मनीष पर यह आरोप लगते ।
इस संम्बध मे जब डाक्टर मनीष से जानकारी चाही तो उन्होने कहा कि हम तो ऐसा ही तर देते है । जिसे जहा शिकायत करनी हो कर सकता है ।
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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