लखनऊ: 1000 करोड़ के महाघोटाले का मास्टरमाइंड राशिद नसीम दुबई में गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े रियल एस्टेट घोटालों में से एक 'शाइन सिटी' ग्रुप के प्रमोटर और मुख्य आरोपी राशिद नसीम को दुबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 1000 करोड़ रुपये की ठगी कर वर्ष 2019 में देश छोड़कर फरार हुए राशिद की गिरफ्तारी भारतीय जांच एजेंसियों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के निरंतर समन्वय का परिणाम है। लखनऊ की विशेष अदालत ने 10 महीने पहले ही उसे भगोड़ा घोषित किया था। अब ईडी उसे प्रत्यर्पण के जरिए लखनऊ लाने की तैयारी में जुट गई है।
554 मुकदमों का सामना और 5 लाख का इनाम
प्रयागराज के करेली का मूल निवासी राशिद नसीम और उसके सहयोगियों पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रिकॉर्ड 554 एफआईआर दर्ज हैं। अकेले लखनऊ मुख्यालय होने के कारण यहां के गोमतीनगर, विकासनगर और मोहनलालगंज जैसे थानों में सैकड़ों केस दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश शासन ने राशिद और उसके भाई आसिफ पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसका भाई आसिफ पहले ही प्रयागराज से गिरफ्तार किया जा चुका है और फिलहाल जेल में है।
पॉन्जी स्कीम के जरिए हजारों को बनाया शिकार
ये भी पढ़ें आगरा: भाजपा विधायक के बेटे की दबंगई, टोल बैरियर नहीं उठाने पर कर्मचारी को जड़े थप्पड़, वीडियो वायरलजांच में खुलासा हुआ है कि शाइन सिटी ग्रुप ने पॉन्जी और पिरामिड स्कीमों के माध्यम से निवेशकों को ऊंचे रिटर्न और सस्ते प्लॉट व फ्लैट का लालच दिया था। कंपनी ने लगभग 34 फर्जी कंपनियां बनाईं और हजारों लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प ली। रेरा की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि लखनऊ में महज 58 प्लॉटों के पंजीकरण के विरुद्ध कंपनी ने 3000 से अधिक लोगों से बुकिंग कर पैसा वसूला था। ठगी की इस रकम को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए विदेश भेजने और बेनामी संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया।
दुबई से संचालित हो रहा था ठगी का सिंडिकेट
जांच एजेंसियों का दावा है कि राशिद नसीम दुबई में बैठकर अपने गुर्गों के जरिए भारत में नेटवर्क संचालित कर रहा था। वह 2018 में नेपाल में भी गिरफ्तार हुआ था, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद दुबई भागने में सफल रहा। ईडी अब तक इस मामले में 266.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है, जिनमें लखनऊ, बाराबंकी, वाराणसी और पटना की जमीनें व कॉमर्शियल स्पेस शामिल हैं। मामले में अब तक उपाध्यक्ष मनीष जायसवाल सहित 63 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
निवेशकों में जागी उम्मीद
राशिद की गिरफ्तारी के बाद हजारों ठगे गए निवेशकों में अपना पैसा वापस पाने की उम्मीद जगी है। एजेंसियों को उम्मीद है कि राशिद से पूछताछ में उन रास्तों का पता चलेगा जिनसे ठगी का पैसा विदेश भेजा गया और उन प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं जिन्होंने इस सिंडिकेट को संरक्षण दिया। फिलहाल, पुलिस और ईडी की टीमें कागजी कार्यवाही पूरी कर राशिद को जल्द से जल्द लखनऊ लाने के प्रयास में हैं।
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