वाराणसी में शंकराचार्य का तीखा बयान, कहा — सच सामने आकर रहेगा,बोले — “पुलिस आएगी तो पूरा सहयोग करेंगे”
वाराणसी। अपने खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर और जारी कानूनी प्रक्रिया को लेकर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। वाराणसी में मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं और सत्य की रक्षा के लिए कारागार जाने को भी तत्पर हैं। उनके इस बयान ने धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
शंकराचार्य ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि वे पुलिस की हर कार्रवाई में पूर्ण सहयोग करेंगे और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने प्रतीकात्मक लहजे में तीन 'कोट' (कोर्ट) का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास विकल्पों की कमी नहीं है, जिसमें सबसे निचली और प्रभावी अदालत 'जनता' है। स्वामी जी का मानना है कि आज नहीं तो कल सच सबके सामने आ ही जाएगा और जनता सब कुछ अपनी आंखों से देख रही है।
इस बयान के सार्वजनिक होते ही उनके अनुयायियों और समर्थकों में भारी जोश और आक्रोश का मिला-जुला असर देखा जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि यह केवल एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि 'सत्य की लड़ाई' है और वे अपने धर्मगुरु के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। दूसरी ओर, निष्पक्ष जांच की मांग भी जोर पकड़ रही है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
शंकराचार्य के इस मुखर अंदाज ने इस पूरे प्रकरण को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों और कानूनी प्रक्रिया की अगली दिशा पर टिकी हैं। क्या वाकई यह मामला केवल आरोपों तक सीमित रहेगा या आने वाले दिनों में कोई बड़ा खुलासा होगा, यह भविष्य के गर्भ में है। फिलहाल, "सत्य की जीत" के दावे के साथ शंकराचार्य ने गेंद शासन और प्रशासन के पाले में डाल दी है।
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