बुढ़ाना का 'चुनावी दंगल': हज़ारों कमेंट्स ने हिलाया सियासी पारा, पौने दो लाख से ज़्यादा वोटरों तक पहुंचा सर्वे, जानिए जनता की पहली पसंद कौन ?

मुजफ्फरनगर (बुढ़ाना): मिशन 2027 की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। रॉयल बुलेटिन द्वारा सोशल मीडिया पर कराए गए एक महा-सर्वे ने बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। महज 3 दिनों में 1392 से अधिक लोगों ने अपनी राय दी, जिनमे 1307 यूनिक यूजर रहे। जिससे साफ़ हो गया है कि इस बार जनता किसी भी 'पुराने ढर्रे' पर चलने के मूड में नहीं है। कमेंट बॉक्स में समर्थकों के बीच शब्दों की ऐसी जंग छिड़ी कि आंकड़ों ने हर घंटे अपनी करवट बदली। इस विधानसभा के 3 लाख 44 हज़ार मतदाताओं में से पौने दो लाख से ज़्यादा मतदाताओं तक ये सर्वे पहुंचा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीति को देखते हुए, यहाँ NDA (भाजपा + रालोद) और INDIA (सपा + कांग्रेस + असपा) के बीच का मुकाबला साफ झलक रहा है।जिसमे एनडीए काफी आगे दिखाई दे रहा है।सबसे पहले देखें सर्वे के दो लिंक -
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ये भी पढ़ें संकल्प से सिद्धि केवल नारा नहीं बल्कि सरकार की कार्यशैली व प्रतिबद्धता का प्रतीक: कपिल देव अग्रवालसमर्थकों के बोल: किसने क्या कहा?
सर्वे के दौरान हर प्रत्याशी के पक्ष में समर्थकों ने अपने-अपने तर्क रखे। यहाँ कुछ प्रमुख टिप्पणियाँ दी गई हैं:
ये भी पढ़ें मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती से कीमती धातुएं दबाव में, हफ्ते भर में 5.89 प्रतिशत गिरा सोने का रेटविधायक राजपाल बालियान के पक्ष में कमेंट्स
सर्वे के दौरान विधायक जी के समर्थकों ने उनके कार्यकाल और व्यक्तित्व को लेकर कई महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं:
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नरेश मलिक: "राजपाल बालियान ने बुढ़ाना में जो शांति और भाईचारा कायम किया है, वो सबसे बड़ी उपलब्धि है। विकास कार्य निरंतर जारी हैं, हमें ऐसे ही शांत और कर्मठ नेता की ज़रूरत है।"
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सुमित बालियान : "हमारे विधायक सरल, सुलभ और हमेशा जनता के बीच रहने वाले हैं। बुढ़ाना की जनता को भारी शोर-शराबा नहीं, बल्कि काम करने वाला नेता चाहिए जो राजपाल जी हैं।"
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मोनू राणा: "विधायक राजपाल बालियान जी ने 2022 में रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी, उनका अनुभव और ज़मीनी पकड़ आज भी बेमिसाल है। 2027 में भी उनका किला अभेद्य रहेगा।"
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अंकित खर्ब: "विधायक जी ने बुढ़ाना विधानसभा के हर गाँव में विकास की किरण पहुँचाई है। सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।"
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शहजाद अब्बासी: "विधायक जी ने क्षेत्र में विकास के साथ-साथ भाईचारे को भी बढ़ावा दिया है। वे सभी वर्गों के नेता हैं।"
योगराज सिंह (रालोद) के पक्ष में:
पूर्व मंत्री योगराज सिंह के समर्थकों ने उन्हें "शान और पहचान" बताते हुए दावा किया है कि बुढ़ाना के भविष्य के लिए उनके जैसा अनुभवी नेता ही अनिवार्य है। विजेंदर पंडित और प्रिया मलिक जैसे समर्थकों का मानना है कि गठबंधन में यह सीट रालोद के पास ही रहनी चाहिए और योगराज सिंह इसके सबसे मजबूत दावेदार हैं। 36 बिरादरी की वोट और जमीनी पकड़ केवल उनके पास है, गठबंधन की जीत निश्चित है।"
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संजय शर्मा: "बुढ़ाने का किंग केवल चौधरी योगराज सिंह हैं। 36 बिरादरी को साथ लेकर चलने का हुनर केवल मंत्री जी के पास ही है।"
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सुनील शर्मा- टिकट योगराज सिंह का होगा, जो आराम से जीत भी जाएंगे।
- राजन जावला-सबसे ज़्यादा मेहनती, हमेशा लोगों के सुख दुख में साथ रहने वाले प्रत्याशी योगराज सिंह जी ही है।
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माथो चौधरी: "अनुभव और विकास की राजनीति का नाम योगराज सिंह है। बुढ़ाना की आन-बान-शान हैं मंत्री जी।"
नितिन मलिक (भाजपा) के पक्ष में:
- बदलाव के समर्थकों का कहना है:
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सागर चौधरी: "15 सालों से क्षेत्र के हर सुख-दुख में रात-दिन खड़े रहने वाले एकमात्र नेता नितिन मलिक ही हैं, उन्हें मौका मिलना ही चाहिए।"
- अजित सिंह - गरीबों के सुख दुःख में काम आने वाले नितिन मलिक है, इन्हे मौका मिलना चाहिए।
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विराज चौधरी: "नितिन मलिक के होली समारोह में उमड़ी रिकॉर्ड तोड़ भीड़ इस बात का सबूत है कि बुढ़ाना की जनता उनके साथ है। परिवर्तन तय है!"
नवाज़िश आलम (असपा) के पक्ष में:
- विकास कार्यों की दुहाई: "बुढ़ाना में विकास की रफ्तार अगर किसी ने बढ़ाई है तो वो नवाजिश आलम खान हैं। युवाओं को खेल और शिक्षा के प्रति प्रेरित करने वाला ऐसा ही प्रगतिशील राजनेता चाहिए।"
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मुबशशिर बलोच: "सबसे ज़्यादा मेहनती और हमेशा लोगों के बीच रहने वाले इंसान नवाज़िश आलम ही हैं। उन्होंने विधायक रहते हुए बुढ़ाना की तस्वीर बदली थी।"
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मुन्ना खान: "बुढ़ाना की शान नवाज़िश आलम खान! युवाओं को खेल और शिक्षा के प्रति प्रेरित करने वाला ऐसा ही प्रगतिशील राजनेता हमें चाहिए।"
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शमशाद राजपूत: "कहो दिल से, नवाज़िश आलम फिर से! जनता ने मन बना लिया है कि विकास की रफ्तार फिर से लौटानी है।"
उमेश मलिक (भाजपा) के पक्ष में:
- पुराने कैडर का भरोसा: "उमेश मलिक शेर हैं, उन्होंने अपने कार्यकाल में जो किया वो जनता भूली नहीं है। मिशन 2027 में फिर से टाइगर की वापसी होगी।"
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विपिन नागवान: "लोकप्रिय विधायक उमेश मलिक जिंदाबाद! बुढ़ाना विधानसभा की पहचान और टाइगर की दहाड़ अब भी कायम है।"
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अब्दुल कलाम जोला: "मिशन 2027 में फिर से उमेश मलिक विधायक बनेंगे और इस बार मंत्री भी। भाजपा के सच्चे सिपाही हैं उमेश जी।"
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प्रवेश चौधरी: "भाजपा मतलब उमेश मलिक। पुराने कार्यकर्ताओं का भरोसा आज भी शेर (टाइगर) पर बरकरार है।"
प्रमोद त्यागी (सपा) के पक्ष में:
- बौद्धिक वर्ग की राय: "प्रमोद त्यागी एक सुलझे हुए और पढ़े-लिखे नेता हैं। समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की क्षमता केवल उनमें है।" समर्थकों का कहना है कि वे "36 बिरादरी के नेता" हैं और हर समय जनता के बीच रहते हैं।
मुकेश दर्पण जैसे समर्थकों ने उन्हें "बुढ़ाना का किंग" करार दिया है। उनके पक्ष में त्यागी समाज के साथ-साथ मुस्लिम और पिछड़ा वर्ग के 'यूनिक कमेंट्स' की संख्या में भारी उछाल आया है।
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नीरज कुमार, अलनूर राजपूत: "प्रमोद त्यागी एक सुलझे हुए और शिक्षित नेता हैं। बुढ़ाना को एक ऐसे ही बुद्धिजीवी जनप्रतिनिधि की आवश्यकता है।"
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एड. रेशु शर्मा: "सपा की मज़बूत दावेदारी और त्यागी समाज का पूर्ण समर्थन प्रमोद त्यागी के साथ है। वो जनता के सच्चे सेवक हैं।"
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दीपक कुमार प्रजापति -समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता प्रमोद त्यागी जी का कोई टिकट रोक नहीं सकता।
सर्वे में पाल समाज के सपा नेता डॉ. सत्येंद्र पाल, कश्यप समाज के ई. देवेंद्र कश्यप, धनवीर सिंह कश्यप,सोनू कश्यप समेत रामकुमार सहरावत, गज्जू पठान , आरिफ जौला, निशांत मलिक,विनोद प्रमुख, श्यामलाल के लिए भी छिटपुट लेकिन स्पष्ट मांग उठी है।
राजनीति के जानकारों का मानना है कि केवल सोशल मीडिया ट्रेंड के आधार पर चुनावी नतीजों का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। बुढ़ाना विधानसभा का चुनाव परंपरागत रूप से जातीय समीकरणों, पार्टी संगठन और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करता रहा है। लेकिन अभी तक के रुझान में इस सीट पर एनडीए मजबूत नज़र आ रहा है। रालोद की यह जीती हुई सीट है लेकिन बीजेपी नेता भी यहाँ टिकट लेने के लिए जोर लगाए हुए है।
क्षेत्र में जाट, मुस्लिम, दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। नितिन मलिक को जहां युवाओं और कुछ जाट वर्ग का समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है, वहीं पूर्व मंत्री योगराज सिंह अपने पुराने जनाधार और अनुभव के चलते रालोद की ओर से मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। दूसरी ओर प्रमोद त्यागी और नवाजिश आलम मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ बनाए हुए हैं और चुनाव को मजबूत बना रहे हैं। इसके अलावा वर्तमान विधायक राजपाल बालियान, पूर्व विधायक उमेश मलिक और अन्य संभावित उम्मीदवार भी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि विपक्षी वोट एकजुट होते हैं तो मुकाबला कड़ा हो सकता है। पार्टी टिकट वितरण भी इस चुनाव का सबसे बड़ा निर्णायक कारक साबित होगा।
कुल मिलाकर, बुढ़ाना विधानसभा 2027 का चुनाव अभी से ही रोचक और बहुकोणीय होता नजर आ रहा है, जहां सोशल मीडिया का उत्साह और जमीनी हकीकत के बीच असली तस्वीर चुनाव परिणाम के दिन ही साफ हो पाएगी।
सर्वे की एक कड़वी सच्चाई :
सर्वे में सुधीर भारतीय ने एक बहुत ही व्यावहारिक बात कही है कि "ऐसे सर्वे में एक ही व्यक्ति कई आईडी से कमेंट करता है।" हमने आपके लिए इसी 'शोर' को साफ करके यूनिक (Unique) लोगों की लिस्ट तैयार की है ताकि आपको सही हवा का अंदाज़ा हो सके। देखे पूरा रिजल्ट-
सर्वे का महा-परिणाम (यूनिक वोट प्रतिशत)
हजारों कमेंट्स की छंटनी के बाद, जब हमने 'एक व्यक्ति-एक वोट' के सिद्धांत पर यूनिक यूज़र्स को गिना, कुल 1392 में से 1307 यूनिक विजिटर निकले।
टेबल 1: व्यक्तिगत प्रदर्शन (Total Unique Votes Audit)
(एक-एक वोट की सटीक गिनती और प्रतिशत)
| प्रत्याशी / वर्ग | यूनिक वोट (संख्या) | प्रतिशत (%) | |
| नितिन मलिक (BJP) | 320 | 24.7 % | |
| योगराज सिंह (RLD) ............................................................ प्रमोद त्यागी (SP) | 310 ......................... 260 | 23.9 % ............. 20 % | |
| नवाज़िश आलम (ASP) | 210 | 16.2% | |
| उमेश मलिक BJP | 130 | 10 % | |
| राजपाल बालियान (MLA) | 55 | 4.2 % | |
| अन्य | 22 | 1.7 % | |
| कुल (Total) | 1307 | 100% |

टेबल 2: गठबंधन-वार मुकाबला (Alliance-wise Battle)
(पश्चिमी यूपी की मौजूदा राजनीति के अनुसार ध्रुवीकरण)
| गठबंधन (Alliance) | शामिल प्रत्याशी | कुल यूनिक वोट | कुल प्रतिशत (%) |
| NDA (एनडीए) | नितिन, योगराज, राजपाल, उमेश | 815 | 62.36% |
| INDIA (इंडिया) | प्रमोद त्यागी, नवाज़िश आलम, सतेंद्र पाल | 482 | 36.88% |
| अन्य/निर्दलीय | अन्य | 10 | 0.76% |
| कुल (Total) | 1307 | 100% |
गठबंधन के भीतर की रोचक जंग:
1. NDA (सत्तारूढ़ गठबंधन):
एनडीए के खेमे में इस बार 'अपनों' के बीच ही जबरदस्त होड़ है।
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नितिन मलिक : सर्वे में एनडीए के भीतर लोकप्रिय चेहरे के रूप में उभरे हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि भाजपा को इस बार 'नए चेहरे' पर दांव लगाना चाहिए।
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योगराज सिंह : रालोद के एनडीए में आने के बाद योगराज सिंह रालोद की तरफ से सबसे मज़बूत दावेदार हैं। उनके समर्थकों ने स्पष्ट किया है कि "गठबंधन में यह सीट रालोद के पास जानी चाहिए।"
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उमेश मलिक : पूर्व विधायक होने के नाते उनकी अपनी पकड़ है, लेकिन सर्वे में एनडीए में उन्हें तीसरे स्थान पर रखा गया है।
2. INDIA (विपक्षी गठबंधन):
विपक्ष के खेमे में वोटों का बिखराव कम है, लेकिन संख्या बल बढ़ाने की चुनौती है।
- प्रमोद त्यागी : सपा के समर्पित वोट बैंक और त्यागी समाज के समर्थन से वे गठबंधन को मजबूती दे रहे हैं। वे विपक्ष के सबसे बड़े चेहरे के रूप में सामने आये है।
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नवाज़िश आलम : चंद्रशेखर आज़ाद की पार्टी (ASP) के INDIA गठबंधन में शामिल होने की चर्चाओं के बीच नवाज़िश आलम इस खेमे के बड़े खिलाड़ी हैं।
सर्वे में हिस्सा लेने वाले जागरूक नागरिकों की सूची:
सर्वे को सफल बनाने वाले कुछ प्रमुख नाम (यूनिक कमेंट्स के आधार पर) निम्नलिखित हैं:
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नितिन मलिक के समर्थक: सुमित बालियान, सागर चौधरी, टिंकू कुमार, अमित चौधरी, मोनू राणा, गोपाल त्यागी, नरेश मलिक, नितिन कुमार सहरावत, मुकुल गिल, अभि राणा, अनुज बालियान, आकाश कुशवाहा, तरुण चौधरी, संदीप कुशवाहा, संजीव कुमार सैनी, विशाल चौधरी, अर्जुन राणा, अंजू देवी राणा, अमित ओमकार सिंह, एडवोकेट देवेंद्र पंवार, अरुण सैनी, शिव होंडा, हर्षित जैन, दुष्यंत कुमार, अक्षय बजरंगी, ठाकुर अनुज, मनोज राणा, लक्ष्मण सिंह राजपूत, अजय सिंह, चौधरी आदित्य बालियान, सनी बंजारा, विनोद प्रजापति, पंकज ठाकुर, विनीत तोमर, आर्यन चौधरी, निकुंज शर्मा, विनय सहरावत, अमन कुमार, विक्रांत मलिक, मयंक आर्य सहरावत, अमित जैन, अर्जुन बालियान, योगेश मलिक चौधरी, पवन रमेश, अनुज राठौर, पंकज बालियान, कार्तिक कुमार, सचिन कुमार, मदन रावत सिंह, शांतनु त्यागी पुरा, प्रमोद कुशवाहा, विराज चौधरी, देव जयंत, अजीत सिंह, संजय चौधरी, अरुण पंवार, राहुल सहरावत, शुभम बालियान, विशु त्यागी, आकाश प्रताप, सनी सिंह पाल, चिराग चौधरी, अशोक चौहान, अशोक चौधरी, राहुल भारद्वाज, रितिक चौधरी, राज जयंत, हिन्पाल मलिक, सुमित मलिक, कपिल राणा, कुलदीप कश्यप प्रधान, सारंग सिंह, चंदू मलिक, कुणाल मलिक, प्रबोध सिंह अहलावत, कुलदीप राजपूत, राहुल त्यागी, रमन मलिक, अनिल कीर्थल, रघुवंश राणा, डॉ. राहुल राज कश्यप, अरुण प्रजापति, पीयूष गुप्ता, चौधरी राहुल कादियान, पंकज चौहान, अंकित खर्ब, रोहित कुमार, अरविंद कुमार, अमित मलिक, शुभम सिरोही, विनय राजपूत, सौरब मलिक, नितेश मलिक, धर्मेन्द्र बालियान, दीपक बाथम, चौधरी अनिमेश कादियान, चौधरी कुशल वीर, प्रियांशु मलिक, राजीव मलिक, गौरव राजपूत, अरुण पाल, अमर फुआन, अभिषेक सैनी, लविश चौधरी, दीपांशु यादव, डॉ. सुनील सैनी, रुचिन चौधरी, वरुण कुमार, राहुल वैदवान, शिव कुमार पाल, अंशुल कश्यप, कपिल कुमार पाल, प्रवीण सैनी, आयुष राजपूत, राहुल कोरी, आकाश जाट, अंकित खर्ब जाट, छोटा सैनी, विनय कुमार, पंकज त्यागी, अतुल राजपूत, सनी सैनी, पंकज चौहान, अंकित सहरावत, सुमित राठी, विशाल राजपूत, अमित पंवार, सोनू धीमान, परी बालियान, सुरेन्द्र ठाकुर, मोनू मोनू, अंकित विजय धीमान, विक्की कुमार, राहुल ठाकुर, शुभम शर्मा, विशेष मलिक, दिनेश राजपूत, छोटू पाल, अभिषेक चौधरी, सिद्धार्थ चौधरी, नवनीत सिंह बालियान, सचिन रोहल, अंकुर शर्मा, अक्षय चौहान, पारस शर्मा, रविंदर चौधरी, सुशील चौधरी, एड. प्रशांत चौधरी, विक्रांत पोरसवाल, प्रशांत गौतम।
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योगराज सिंह के समर्थक: नरेश कुमार, रोहित त्यागी, आनंद पंवार, संजय शर्मा, वासिम अहमद, वरुण चौधरी, कुसुम चौधरी, बिशंबर पंडित, एम. ए. चौधरी, सौरभ जैन, राजन जावला, आज़म त्यागी, अक्षय सिंह, मो. फूल सैय्यद, विजित चौधरी, शाहरुख प्रधान, कुंवर महमूद, चौधरी दुष्यंत, डॉ. मुनीश त्यागी, रोहित बालियान, सलीम राणा, रोबिन चौधरी, उधम सिंह, सलमान वासी, रविंद्र सिंह, रकीब चौधरी, साजिद चौधरी, आरपी सिंह जत्राणा, चौधरी वैभव डबास, मोहित त्यागी, हरेंद्र चौधरी, चौधरी विशाल बालियान, मो. अब्दुल्ला कुरैशी, जोनी पाल, सुनील सुरेशपाल।
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नवाज़िश आलम के समर्थक: सनव्वर राणा, चौधरी सोनू बालियान, मीर हमजा, शमशाद राजपूत, विपिन प्रताप सिंह, मुनव्वर जंग, ठाकुर इनाम रंगरेज, अरशद रंगरेज, गुलशन गौतम, गबर खान, सुभान रंगरेज, फहाद एस, मुबशशिर बलोच, सुमित खेड़ा, आसु कुरैशी, अर्शी खान, अनुज कुमार गंजानिया, अली गाजी, नसीम प्रधान, आजम खान, आशिफ गुर्जर, सलीम राणा, कश्यप अंकित, टीना, सनी जोशी, बिट्टू जेपी, मो. उस्मान, एअर आज़म राणा, आबिद खान, अरशद रंगरेज
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राजपाल बालियान समर्थक- नरेश मलिक, सुमित बालियान, मोनू राणा, अंकित खर्ब, विराज चौधरी, शहजाद अब्बासी, मारूफ अली राणा, चौधरी यूनुस ठकराल, सौरव राठी, कुंवर महमूद, अकरम त्यागी, कुलदीप मलिक, सतीश चौधरी, अमित बालियान सिसौली, प्रवेश कुमार, सुधीर चेयरमैन, राकेश प्रधान, जयपाल सिंह, ओमवीर सिंह, नवीन पाल।
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उमेश मलिक के समर्थक: कोशिंदर योगी, विपिन नागवान, कार्तिक कुमार, आतिश मलीक, सतीश मसंद, हिंमाशु संगल, शालू दवे, शुभम मित्तल, प्रवेश चौधरी, चौधरी इंतज़ार बालियान, राकेश पाराशर, गौरव राठी, गौरव गौरव, अविक चौधरी।
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प्रमोद त्यागी के समर्थक: नीरज कुमार, एड. रेशू शर्मा, अक्की अद्विक, एअर नितिन पंवार, आर्यन त्यागी, शिवम मधुसूदन त्यागी, त्यागी आर्य, अमन त्यागी, हुसैन राणा राजपूत, डॉ. सोनू कश्यप, धनवीर सिंह कश्यप, रामनिवास पाल, सतेंद्र पाल।
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