लखनऊ और नोएडा के बिल्डरों पर गिरी रेरा की गाज, 13 बिल्डरों पर लगाया 1.39 करोड़ का जुर्माना
नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने 13 बिल्डरों पर 1.39 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यूपी रेरा की 115वीं बैठक में यह कार्रवाई की गई। इनमें से ज्यादातर बिल्डर एनसीआर के हैं। यूपी रेरा ने 15 दिन के अंदर लंबित आदेशों का पालन करने और 30 दिन के अंदर जुर्माने की […]
नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने 13 बिल्डरों पर 1.39 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यूपी रेरा की 115वीं बैठक में यह कार्रवाई की गई। इनमें से ज्यादातर बिल्डर एनसीआर के हैं।
यूपी रेरा ने 15 दिन के अंदर लंबित आदेशों का पालन करने और 30 दिन के अंदर जुर्माने की धनराशि जमा करने का आदेश दिया है।
ये भी पढ़ें पश्चिम एशिया तनाव पर बोले राहुल गांधी: 'शांति का रास्ता केवल संवाद और संयम से ही निकलेगा'यूपी रेरा के सचिव राजेश कुमार त्यागी ने बताया कि यूपी रेरा की बैठक में 22 बिल्डरों के मामले की सुनवाई हुई। उन्होंने बताया कि ज्यादातर शिकायतें प्रोजेक्ट पंजीकरण, पंजीकरण विस्तार और मॉडल एग्रीमेंट फॉर सेल का पालन नहीं करने से जुड़ी थी, जबकि सबसे अधिक शिकायतें गौतमबुद्ध नगर व लखनऊ की थी, जिनका निस्तारण कराया गया है।
उन्होंने बताया कि यूपी में अभी तक करीब 47,790 शिकायतें दर्ज हो चुकी है इनमें से लगभग 42,700 का निस्तारण किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन बिल्डरों ने आदेश का पालन नहीं किया है उन 13 बिल्डरो पर 1.39 करोड का जुर्माना लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर, गार्डेनिया इंडिया, हेबे इंफ्रास्ट्रक्चर, पार्श्वनाथ डेवलपर्स, शुभ एडवाइजर्स, सॉलिटेयर इंफ्रा होम्स, सुपरटेक टाउनशिप, उप्पल चड्ढा डेवलपर्स, अजनारा रीयलटेक, एटीएस रियल्टी, महागुण (इंडिया), लक्ष्य रियल इंफ्रा, कैपिटल इंफ्राटेक होम आदि बिल्डरों पैसा जमा न करने पर आरसी जारी कर वसूली की जाएगी।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां