बीजेपी विधायक का आरोप- ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग की सदस्य हैं दीपिका, ‘पीएफआई एजेंट’ हैं शाहरुख
पटना। भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल ने बुधवार को आरोप लगाया कि दीपिका पादुकोण ‘टुकड़े-टुकड़े गिरोह की सदस्य’ हैं और शाहरुख खान ‘पीएफआई एजेंट’ हैं। बचौल ने कहा- भगवा रंग त्याग और तपस्या का प्रतीक है, लेकिन टुकड़े-टुकड़े गिरोह की सदस्य दीपिका पादुकोण ने भगवा रंग का इनरवियर पहन रखा है। दीपिका केवल जेएनयू ही […]
पटना। भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल ने बुधवार को आरोप लगाया कि दीपिका पादुकोण ‘टुकड़े-टुकड़े गिरोह की सदस्य’ हैं और शाहरुख खान ‘पीएफआई एजेंट’ हैं।
बचौल ने कहा- भगवा रंग त्याग और तपस्या का प्रतीक है, लेकिन टुकड़े-टुकड़े गिरोह की सदस्य दीपिका पादुकोण ने भगवा रंग का इनरवियर पहन रखा है। दीपिका केवल जेएनयू ही क्यों गईं। देश में कई जगहों पर इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। इस फिल्म से जुड़े लोग आईएस के सदस्य और गजवा-ए-हिंद के समर्थक हैं।
दीपिका ने 9 जनवरी, 2020 को उन छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए जेएनयू का दौरा किया, जिन पर भीड़ (जेएनयू हिंसा) ने हमला किया था। उन्होंने आरोप लगाया, शाहरुख खान पीएफआई एजेंट हैं। फिल्म के निर्माताओं ने इसे हिंदुओं का अपमान करने के लिए बनाया।
‘पठान’ फिल्म के ‘बेशरम रंग’ गाने ने दीपिका के भगवा रंग की बिकनी और कुछ आपत्तिजनक ²श्यों को लेकर विवाद खड़ा कर दिया था। कड़े विरोध के चलते सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कुछ आपत्तिजनक ²श्यों को काट दिया है। हालांकि, ‘पठान’ को बिहार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां