शामली: टोल प्लाजा के नाम को लेकर दो गांवों में ठनी, विवाद पहुंचा जिलाधिकारी की चौखट
शामली। उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक टोल प्लाजा के नामकरण को लेकर दो गांवों के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ गई है। अपनी पहचान और गांव के नाम को टोल बोर्ड पर अंकित कराने की यह रस्साकसी अब जिला प्रशासन के गले की फांस बनती नजर आ रही है। मंगलवार को ग्राम बनतीखेड़ा के सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दूसरे पक्ष पर दबंगई का आरोप लगाया।
गजट नोटिफिकेशन और जमीनी हकीकत का टकराव
ये भी पढ़ें शामली में चिकित्सक की लापरवाही से महिला की मौत का आरोप, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा बाबरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे 344-जी पर स्थित इस टोल प्लाजा को लेकर विवाद काफी समय से गहरा रहा है। बनतीखेड़ा के ग्रामीणों का दावा है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा जारी गजट प्रकाशन में इस टोल प्लाजा का नाम स्पष्ट रूप से 'बनतीखेड़ा टोल प्लाजा' दर्ज है। सरकारी दस्तावेजों की इसी कार्रवाई के आधार पर ग्रामीण चाहते हैं कि टोल के मुख्य द्वार पर उनके गांव का नाम ही सुनहरे अक्षरों में लिखा जाए।
हाथी करौदा और बनतीखेड़ा के बीच रस्साकसी
ये भी पढ़ें शामली में ट्रक के अचानक ब्रेक मारने से बाइक सवार की टक्कर, युवक की अस्पताल में हालत नाजुकप्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि पास के ही गांव हाथी करौदा के कुछ लोग जबरन टोल प्लाजा पर अपने गांव के नाम का बोर्ड लगवाना चाहते हैं। आरोप है कि हाथी करौदा पक्ष के कुछ अराजक तत्व दबंगई दिखाते हुए सरकारी कार्य में बाधा डाल रहे हैं और एनएचएआई के कर्मचारियों को बोर्ड लगाने से रोक रहे हैं। बनतीखेड़ा पक्ष का कहना है कि उन्होंने आपसी सहमति और बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन दूसरा पक्ष अपनी जिद पर अड़ा हुआ है।
शांति व्यवस्था पर जिला प्रशासन की नजर
सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों के रोष को देखते हुए जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि एनएचएआई के आधिकारिक दस्तावेजों और गजट के आधार पर ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी द्वारा उचित कार्यवाही का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण शांत होकर वापस लौटे, लेकिन इलाके में अब भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन जल्द ही एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस नामकरण विवाद का अंतिम समाधान निकाल सकता है।
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शामली के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक शर्मा वर्ष 2022 से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक निष्ठावान और कर्मठ स्तंभ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में की थी और 'सत्यभाष', 'दैनिक प्रभात', 'क्राइम न्यूज़ और नेटवर्क 10' जैसे संस्थानों में कार्य करते हुए ज़मीनी रिपोर्टिंग के गहरे अनुभव हासिल किए।
पिछले 4 वर्षों से रॉयल बुलेटिन के साथ जुड़े दीपक शर्मा वर्तमान में जिला प्रभारी (शामली) का दायित्व संभाल रहे हैं। जिले की राजनीतिक नब्ज और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पकड़ बेजोड़ है। शामली जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 8273275027 पर संपर्क कर सकते हैं।

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