मुरादाबाद। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मुरादाबाद शहर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में पूरी तरह डूब गया। भक्तों ने विभिन्न शिवालयों में भव्य पूजन-अर्चना की। किसरौल स्थित प्राचीन चौरासी घंटा मंदिर में लंबी-लंबी कतारें लग गईं। तड़के से ही हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों और स्थानीय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं के लिए अलग कतारें और पुरुषों के लिए अलग व्यवस्था की गई। पूरा मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा।
चौरासी घंटा मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन के लिए भक्त उत्साहित दिखे। सुबह चार बजे से जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर समिति ने रुद्राभिषेक, महाआरती और विशेष पूजा की व्यवस्था की। घंटा चढ़ाने की प्राचीन परंपरा निभाई गई। श्रद्धालुओं ने अपनी मुरादें पूरी होने पर घंटियां चढ़ाईं। मंदिर परिसर फूलों, बेलपत्र और धूप-दीप से सजा। कांवड़ चढ़ाने वालों को प्राथमिकता दी गई।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया। सीसीटीवी कैमरों से पूरे परिसर पर नजर रखी गई। कांवड़ मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहा। मेडिकल टीमों और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। एसएसपी ने फोर्स का निरीक्षण किया। भंडारों में प्रसाद वितरण सुचारू रहा। किसी प्रकार की अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं।
प्रमुख शिवालयों जैसे झाड़खंडी मंदिर, महाकालेश्वर धाम, पुलिस लाइन मंदिर और ऋणमुक्तेश्वर मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ रही। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने व्रत रखा। रात्रि चार प्रहर पूजा का विधान निभाया। महाशिवरात्रि पर निशीथ काल में विशेष आरती हुई। भक्तों ने बेलपत्र, दूध और गंगाजल से अभिषेक किया।
महाशिवरात्रि भगवान शिव का प्रमुख जनपर्व है। इस दिन शिव-पार्वती विवाह की मान्यता। मुरादाबाद ने आस्था का अनुपम प्रदर्शन किया। कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण रही। भक्ति का संगम देखने लायक। शहर शिवमय मुद्रा में रहा।
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