संत रविदास की जयंती पर मुज़फ्फरनगर में निकली शोभायात्रा, मंत्री कपिल देव बोले-उनके विचार आज भी प्रासंगिक
मुजफ्फरनगर। संत शिरोमणि गुरू रविदास की 646वीं जयंती जनपदभर में बडी धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान शहर संत रविदास सेवा समिति की ओर से प्रत्येक वर्ष की भांति शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा मे अनेक सुन्दर-सुन्दर झंाकिया व बैण्ड बाजे सम्मलित रहे। नगर के केशवपुरी, बारादरी, दक्षिणी खालापार हडडी गोदाम, रूडकी रोड उत्तरी रामपुरी […]
मुजफ्फरनगर। संत शिरोमणि गुरू रविदास की 646वीं जयंती जनपदभर में बडी धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान शहर संत रविदास सेवा समिति की ओर से प्रत्येक वर्ष की भांति शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा मे अनेक सुन्दर-सुन्दर झंाकिया व बैण्ड बाजे सम्मलित रहे।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: पुलिस रिमांड पर खुला नशा तस्करी का राज, तस्कर नितिन की निशानदेही पर स्मैक बरामदशोभायात्रा मे मुख्य अतिथि के रूप मे शामिल हुए मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, पुरकाजी विधायक अनिल कुमार, डा. पुरूषोत्तम, सपा नेता राकेश शर्मा, भाजपा नेता गौरव स्वरूप, व्यापारी नेता राहुल गोयल आदि अतिथियों ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर आयोजन समिति द्वारा अतिथियों को पटका पहनाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: बुढ़ाना में छात्राओं से अश्लील हरकत करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेलइस अवसर पर मुख्य अतिथि मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि हम सभी को संत शिरोमणी रविदास महाराज के पदचिह्नों पर चलना चाहिए तथा उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि यदि हम सभी संत रविदास की जीवन शैली को अपने व्यक्तित्व में अपनाएं, तो हमारा जीवन सफल हो जाएगा।
मंत्री कपिल देव ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन में जातिवाद से ऊपर उठकर कार्य किए हैं। वह एक धार्मिक प्रवृत्ति के परोपकारी और दयालु व्यक्ति थे। उनका पूरा जीवन दूसरों के लिए समर्पित रहा, जिसमें वह लोगों की भलाई और समाज का मार्गदर्शन करते रहे। उन्होंने लोगों को भक्ति के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। उनके सत्य वचन, दोहे और रचनाएं आज भी लोगों के लिए प्रेरणादायक हैं।
इस अवसर पर अन्य सभी अतिथियों ने भी अपने-अपने विचार रखे। दोपहर के वक्त टाउनहॉल के मैदान से विभिन्न बैण्ड बाजों, डीजे एवं झांकियों, ढोल-नगाडों व ताशे आदि के साथ शोभायात्रा प्रारम्भ हुई। यह शोभायात्रा टाउनहॉल के मैदान से प्रारंभ होकर झांसी की रानी, शिव चौक, नावल्टी चौक, हनुमान चौक, भगत सिंह रोड, शिव चौक से होते हुए टाउनहॉल पहुंची।
शोभायात्रा के दौरान बसपा नेता हाजी जियाउर्रहमान, पूर्व सभासद राजकुमार सिद्धार्थ, सभासद बिजेन्द्रपाल, रामनिवास रप्पू, दीपचन्द माटू, संजय जानिया, विजय कैमरिक, रजनीश गौतम, अश्वनी कल्याणी, नीरज कुमार, नवीन, प्रदीप बर्मन, सावन कुमार एड., राकेश कुमार, के.पी.सिंह पटवारी, गीता काकरान, राजेश, राजकुमार, सौरव कुमार आदि शामिल रहे।
शोभायात्रा में मारपीट, एक घायल
संत रविदास जयंती पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान दो पक्षों में मारपीट हो गई, जिसमें सिर फटने से एक युवक घायल हो गया। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संत रविदास जयंती पर शहर में शोभायात्रा निकाली जा रही थी। शोभायात्रा के दौरान ही दो पक्ष किसी बात को लेकर आपस में भिड गए, जिनके बीच गाली-गलौच के बाद मारपीट हो गई।
मारपीट में मोहल्ला रैदासपुरी निवासी जयवीर सिंह नामक युवक सिर फटने से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, शहर के महावीर चौक स्थित बिजलीघर के पास रविवार सुबह करीब 45 साल का युवक बेहोशी की हालत में सडक किनारे पडा मिला, जिसे सूचना पर पहुंची सिविल लाइंस थाना पुलिस ने ले जाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। युवक को होश न आने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां