आंदोलनरत किसानों ने किया शहर में पैदल मार्च, जिलाध्यक्ष बोले- अपनी बात मनवा कर रहेंगे
मुजफ्फरनगर। जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में पिछले कई दिनों से भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की अगुवाई में किसान हित में विभिन्न मांगों के समाधान करवाए जाने को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस धरना प्रदर्शन में रात दिन किसान यूनियन […]
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में जलभराव से तंग ग्रामीणों ने सड़क पर खाट बिछाकर दिया धरना, प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्साइस धरना प्रदर्शन में रात दिन किसान यूनियन से जुड़े पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं का जमावड़ा राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में लगा रहता है। भाकियू के धरना प्रदर्शन में मंगलवार को भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत पहुंचे।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में गूंजा हिंदू एकता का शंखनाद: संघ के शताब्दी वर्ष पर पाँच स्थानों पर हुए विराट सम्मेलनइस दौरान शाम 4:30 बजे युवाओं से मंथन किया गया, मंथन के बाद पैदल मार्च यात्रा शहर के विभिन्न रास्तों से निकाली गई। इस पैदल मार्च में ट्रैक्टरों पर खचाखच भीड़ बैठाकर एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों से पैदल मार्च निकाला गया।
भाकियू द्वारा शहर में निकाला गया पैदल मार्च धरना स्थल से प्रारंभ हुआ और शहर के महावीर चौक, मीनाक्षी चौक, शिव चौक, झांसी रानी चौक, कचहरी रोड, प्रकाश चौक से होते हुए धरना स्थल पर जाकर समाप्त हुआ।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने बताया कि भाकियू किसानों के हित के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, मगर ज़ालिम सरकार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि किसान अपना हक नही ले सकते, मगर कानूनी तौर से लड़ाई लड़कर ही अपना हक लेना चाहते है।
उनका कहना है कि अगर किसान एक बार बिगड़ गया, तो थामना मुश्किल हो जाएगा। भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसान प्रदेश भर में शांति व्यवस्था को बनाए रखना चाहते हैं, जिस कारण भाकियू अपना भयानक रूप धारण नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को कई मर्तबा आगाह किया जा चुका है, अगर मानती है, तो ठीक वरना भाकियू अपना कानून खुद बनाएगी और किसानों को हो रही परेशानियों से निजात दिलाएगी। उन्होंने कहा कि भाकियू द्वारा बनाया गया। कानून प्रदेश की भाजपा सरकार पर भारी नहीं बहुत भारी पड़ेगा।
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
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