आंदोलनरत किसानों ने किया शहर में पैदल मार्च, जिलाध्यक्ष बोले- अपनी बात मनवा कर रहेंगे

मुजफ्फरनगर। जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में पिछले कई दिनों से भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की अगुवाई में किसान हित में विभिन्न मांगों के समाधान करवाए जाने को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस धरना प्रदर्शन में रात दिन किसान यूनियन […]
मुजफ्फरनगर। जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में पिछले कई दिनों से भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की अगुवाई में किसान हित में विभिन्न मांगों के समाधान करवाए जाने को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस धरना प्रदर्शन में रात दिन किसान यूनियन से जुड़े पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं का जमावड़ा राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में लगा रहता है। भाकियू के धरना प्रदर्शन में मंगलवार को भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत पहुंचे।
इस दौरान शाम 4:30 बजे युवाओं से मंथन किया गया, मंथन के बाद पैदल मार्च यात्रा शहर के विभिन्न रास्तों से निकाली गई। इस पैदल मार्च में ट्रैक्टरों पर खचाखच भीड़ बैठाकर एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों से पैदल मार्च निकाला गया।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: जनगणना-2027 की तैयारी तेज, जिलाधिकारी ने फील्ड ट्रेनरों को सिखाए बारीकी के गुरभाकियू द्वारा शहर में निकाला गया पैदल मार्च धरना स्थल से प्रारंभ हुआ और शहर के महावीर चौक, मीनाक्षी चौक, शिव चौक, झांसी रानी चौक, कचहरी रोड, प्रकाश चौक से होते हुए धरना स्थल पर जाकर समाप्त हुआ।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने बताया कि भाकियू किसानों के हित के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, मगर ज़ालिम सरकार किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि किसान अपना हक नही ले सकते, मगर कानूनी तौर से लड़ाई लड़कर ही अपना हक लेना चाहते है।
उनका कहना है कि अगर किसान एक बार बिगड़ गया, तो थामना मुश्किल हो जाएगा। भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसान प्रदेश भर में शांति व्यवस्था को बनाए रखना चाहते हैं, जिस कारण भाकियू अपना भयानक रूप धारण नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को कई मर्तबा आगाह किया जा चुका है, अगर मानती है, तो ठीक वरना भाकियू अपना कानून खुद बनाएगी और किसानों को हो रही परेशानियों से निजात दिलाएगी। उन्होंने कहा कि भाकियू द्वारा बनाया गया। कानून प्रदेश की भाजपा सरकार पर भारी नहीं बहुत भारी पड़ेगा।
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