शामली: रसीदगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण जागरूकता शिविर संपन्न, स्वरोजगार के लिए मिलेगी 1 लाख की सब्सिडी

शामली। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दूर करने और युवाओं को उद्यमी बनाने के उद्देश्य से राजकीय फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र शामली द्वारा दो दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। विकासखंड थाना भवन के ग्राम रसीदगढ़ में आयोजित यह शिविर 'उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023' और 'मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना' के अंतर्गत संपन्न हुआ।
पलायन रोकने और स्वरोजगार पर जोर
शिविर का शुभारंभ प्रधान पति चुन्नीलाल और नेचुरल क्रॉप एफपीओ के निदेशक ओमपाल सैनी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर सहायक उपायुक्त उद्योग रविंद्र सिंह ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कम पूंजी निवेश कर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं। इससे न केवल युवाओं को गांव में ही काम मिलेगा, बल्कि रोजगार की तलाश में शहरों की ओर होने वाले पलायन पर भी रोक लगेगी।
प्रशिक्षण के साथ प्रयोगात्मक जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र की डॉ. कविता भट्ट और कौशल विकास मिशन के प्रोग्राम मैनेजर विकास कुमार ने प्रशिक्षार्थियों को लघु उद्योग लगाने के फायदों और मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। केंद्र प्रभारी धर्मेंद्र पाल राठी ने जानकारी दी कि 16 और 17 मार्च 2026 तक चले इस प्रशिक्षण में 30 युवक-युवतियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रखरखाव और उत्पादकता का प्रयोगात्मक अभ्यास भी कराया गया।
मशीनों की खरीद पर 1 लाख का अनुदान
योजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी वित्तीय सहायता है। डॉ. शौकेंद्र सिंह मलिक ने पीएमएफएमई योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण के बाद इच्छुक व्यक्तियों के प्रस्ताव तैयार कराए जाएंगे। सूक्ष्म खाद्य उद्योग स्थापित करने के लिए मशीनरी और उपकरणों की खरीद पर विभाग द्वारा 1 लाख रुपये का अनुदान (सब्सिडी) भी दिया जाएगा।
समापन अवसर पर ग्राम प्रधान श्रीमती कविता ने सभी सफल प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
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