आगरा के मौलवियों ने मुस्लिमों को दी सलाह-धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों से रहे दूर
आगरा | एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में आगरा के मौलवी ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के सभी कार्यक्रमों से मुस्लिमों को दूर रहने के लिए कहा है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गाडा गांव में स्थित बागेश्वर धाम मंदिर के मुख्य पुजारी शास्त्री हाल में चर्चाओं में हैं। अपने प्रवचनों में धीरेंद्र […]
आगरा | एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में आगरा के मौलवी ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के सभी कार्यक्रमों से मुस्लिमों को दूर रहने के लिए कहा है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गाडा गांव में स्थित बागेश्वर धाम मंदिर के मुख्य पुजारी शास्त्री हाल में चर्चाओं में हैं।
अपने प्रवचनों में धीरेंद्र शास्त्री लोगों की परेशानियों को दूर करने का दावा करते हैं। उन्हें सुनने के लिए भारी भीड़ एकत्रित होती रही है।
ये भी पढ़ें रोहित शेट्टी के घर फायरिंग: इंस्टाग्राम रील देखकर लॉरेंस गैंग के मुरीद हुए आगरा के युवक, 7 गिरफ्तारआगरा मस्जिद के प्रबंधक मोहम्मद शरीफ काला ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री देश को तोड़ने की बात कर रहे हैं, इसलिए मुस्लिमों को उनके कार्यक्रमों से दूर रहने के लिए कहा गया है।
शरीफ ने कहा कि शास्त्री सनातन धर्म को सर्वोच्च होने की घोषणा करते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और मुस्लिमों को नीचा दिखाने की बात कर रहे हैं।
भारतीय मुस्लिम विकास परिषद ने मौलवियों का समर्थन करते हुए विवादस्पद बयानों के लिए धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां