मुजफ्फरनगरः खतौली में अमानवीयता, डीसीएम में त्रिपाल के नीचे ठूंसकर भरे थे सात पशु, एनिमल वेलफेयर टीम ने पीछा कर पकड़ा
खतौली: जनपद के खतौली थाना क्षेत्र में अवैध पशु परिवहन का एक बड़ा मामला सामने आया है। शनिवार को बुढ़ाना रोड पर एक डीसीएम गाड़ी में बेहद क्रूरता के साथ त्रिपाल के नीचे छिपाकर ले जाए जा रहे सात पशुओं को पकड़ा गया। पुलिस ने वाहन को सीज करते हुए चालक और उसके एक साथी को हिरासत में ले लिया है। यह पूरी कार्रवाई एक एनिमल वेलफेयर संस्था की सजगता के कारण सफल हो सकी।
बछड़े के मुंह बाहर निकालने से खुला राज
यह मामला तब प्रकाश में आया जब 'एआई सी एनिमल वेलफेयर' संस्था के सदस्य लोकेंद्र मोटरसाइकिल से गुजर रहे थे। उन्हें एक संदिग्ध डीसीएम गाड़ी दिखी जो चारों ओर से त्रिपाल से ढकी हुई थी। अचानक त्रिपाल के एक कोने से एक छोटे बछड़े ने अपना मुंह बाहर निकाला, जिससे लोकेंद्र को शक हो गया। उन्होंने तुरंत संस्था के संस्थापक पुनीत अरोरा को इसकी सूचना दी, जिसके बाद टीम ने गाड़ी का पीछा करना शुरू किया और सोसाइटी गेट के पास उसे चारों ओर से घेर लिया।
सांस लेने तक की नहीं थी जगह
सूचना पर पहुँची पुलिस और संस्था की टीम ने जब डीसीएम की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देख सब दंग रह गए। वाहन के भीतर छह भैंस, एक गाय और उनके सात छोटे बच्चों को बुरी तरह ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। पशुओं के लिए हिलने-डुलने या ठीक से सांस लेने तक की जगह नहीं थी। क्रूरता के इस मंजर को देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। कोतवाल दिनेश चंद बघेल ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया।
पुलिस और संस्था के दावों में अंतर
एनिमल वेलफेयर संस्था ने मौके पर ही पशुओं के लिए चारे और पानी का प्रबंध किया। पुलिस ने देर रात संबंधित धाराओं में मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन संस्था ने एफआईआर की भाषा पर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि उन्होंने पीछा करके गाड़ी पकड़वाई है, जबकि एफआईआर में इसे नियमित पुलिस चेकिंग के दौरान पकड़ा जाना दिखाया गया है। इस अभियान में अभिनव यदुवंशी, अनमोल रावत, अर्जुन बागड़ी और तुषार उपाध्याय सहित संस्था के कई सदस्य शामिल रहे।
ये भी पढ़ें तेज हवाओं और बूंदाबांदी से एनसीआर की हवा में सुधार, कई इलाके ऑरेंज से येलो जोन में पहुंचेसख्त चेकिंग अभियान की मांग
संस्था के सदस्यों ने प्रशासन से मांग की है कि पशुओं के इस प्रकार के अवैध और अमानवीय परिवहन को रोकने के लिए नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसे मामले सामने आए, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे। फिलहाल हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि वे इन पशुओं को कहां से लाए थे और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था।
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